ओव्यूलेशन कैलकुलेटर — फर्टाइल विंडो और अगली माहवारी

पिछली माहवारी का पहला दिन और अपने चक्र की औसत लंबाई भरिए — अनुमानित ओव्यूलेशन दिन, सात दिन की फर्टाइल विंडो और अगली तीन माहवारी की तारीख़ें एक साथ मिल जाएँगी। यह भी दिखता है कि आज आप चक्र की किस अवस्था में हैं, और उस चक्र में गर्भधारण होने पर प्रसव की संभावित तारीख़ क्या होगी।

इस्तेमाल कैसे करें

  1. पिछली माहवारी का पहला दिन चुनें।
  2. औसत चक्र लंबाई (आमतौर पर 28 दिन) और माहवारी कितने दिन चलती है, भरें।
  3. ल्यूटियल फेज़ पता हो तो बदलें; न हो तो 14 दिन रहने दें।
  4. तीन चक्रों तक ओव्यूलेशन, फर्टाइल विंडो और अगली माहवारी देखें।

ओव्यूलेशन को 'चक्र के बीच' नहीं, बल्कि 'अगली माहवारी से ल्यूटियल फेज़ जितना पहले' गिना जाता है। लंबा चक्र होने पर बढ़ने वाला हिस्सा ओव्यूलेशन से पहले का होता है — इसलिए 35 दिन के चक्र में ओव्यूलेशन 17वें नहीं, लगभग 21वें दिन होता है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

फर्टाइल विंडो ओव्यूलेशन से कई दिन पहले क्यों शुरू होती है?

शुक्राणु शरीर में लगभग पाँच दिन तक जीवित रह सकते हैं, जबकि अंडाणु निकलने के बाद क़रीब 24 घंटे ही जीवित रहता है। इसी असंतुलन के कारण विंडो ओव्यूलेशन से पाँच दिन पहले से अगले दिन तक मानी जाती है।

मेरा चक्र अनियमित है, क्या यह काम आएगा?

मोटे अनुमान के लिए हाँ, पर अंतर बढ़ जाता है। गणना मानती है कि आपका औसत चक्र दोहराता है। अनियमित चक्र में ओव्यूलेशन किट या बेसल बॉडी टेम्परेचर असली दिन कहीं बेहतर बताते हैं।

प्रेग्नेंसी टेस्ट कब करें?

माहवारी की तय तारीख़ से। इम्प्लांटेशन ओव्यूलेशन के 6–12 दिन बाद होता है और hCG उसके बाद ही बढ़ता है, इसलिए जल्दी किया टेस्ट गर्भ होने पर भी नेगेटिव आ सकता है।

क्या इसे गर्भनिरोध के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं?

नहीं। ओव्यूलेशन तनाव, नींद, बीमारी और दवाओं से हर महीने खिसकता है, इसलिए सिर्फ़ कैलेंडर के भरोसे सुरक्षित दिन तय करने की विफलता दर ऊँची है।

मिलते-जुलते टूल

  • बीएमआई और बीएमआर कैलकुलेटर — बॉडी मास इंडेक्स, बेसल मेटाबॉलिक रेट और रोज़ की कैलोरी ज़रूरत।
  • प्रसव तिथि कैलकुलेटर — आख़िरी माहवारी, गर्भधारण या भ्रूण स्थानांतरण की तारीख़ से प्रसव तिथि और गर्भ के सप्ताह निकालिए।
  • TDEE कैलोरी कैलकुलेटर — रोज़ खर्च होने वाली कैलोरी (TDEE) और BMR निकालिए, साथ में लक्ष्य कैलोरी और मैक्रो।
  • आई टेस्ट — कार्ड से स्क्रीन नापें, E किस ओर खुला है बताएँ और दशमलव व स्नेलन दृष्टि पाएँ।